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टाइफाइड या आंत जवर एक गंभीर बीमारी है। टाइफाइड का बुखार पाचन तंत्र और बल्डस्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। सलोमोनेला टाइफी नाम का यह बैक्टीरिया पानी, किसी पेय या खाने के साथ हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है टाइफाइड एक जानलेवा बीमारी मानी जाती है।




Symptoms


  • • कब्ज या दस्त होना

  • • दूषित पानी पीने से , डायरिया

  • • सिर में दर्द , पेट में दर्द , बुखार आना

  • • मल में खून आना , लिवर का बढ़ना

  • • भूख कम लगना और उल्टियां आना

  • • बदन-दर्द ,सूखी खांसी आना

Causes


  • • उन क्षेत्रों में काम करना या यात्रा करना जहां यह बीमारी है।

  • • गंदगी के कारण

  • • गलत जीवन-शैली के कारण शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र का कमजोर होना।

  • • दूषित पानी पीने से ।

  • • शौच के बाद साफ-सफाई का ध्यान ना रखना।



Precautions


  • • डॉक्टर के परामर्श से ब्लड टेस्ट के बाद ही डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही चिकित्सा कराएं।

  • • टाइफाइड की दवा को बीच में न छोड़ें। बुखार में पेरासीटामोल का इस्तेमाल करें।

  • • रोगी के शरीर में पानी की कमी न होने पाए, इसके लिए रोगी को पानी और अन्य तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में दें।

  • • रोगी के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

Home Remedies for Typhoid


  • 1. ठंडा पानी (Cold water) - किसी कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर शरीर को पोंछे। इसके अलावा ठंडे पानी की पट्टियां सिर पर रखने से भी लाभ होता हे और शरीर का तापमान कम होता है। कपड़े को समय समय पर बदलते रहना चाहिए। सामान्य बुखार के लिए यह बेहद अच्छी प्रक्रिया है जो तापमान को बढ़ने नहीं देती। नोट- इसके लिए बर्फ या बर्फ के पानी की इस्तेमाल न करके, ताजे पानी का इस्तेमाल करें।

  • 2. सेब का सिरका (Apple cider vinegar) - सेब का सिरका भी बुखार के लिए बेहद सस्ती और प्रभावी दवा है। इससे बुखार को तेजी से दूर होता है किसी कपड़े को एक भाग सिरका और दो भाग पानी लेकर उसमें भिगोएं। अतिरिक्त पानी को निचोड़ दें और इस पट्टी को माथे और पेट पर रखें। एक पट्टी पैर के तलवों पर भी रखी जा सकती है। जैसे ही कपड़ा गरम हो जाए, दोबारा घोल में डुबाएं और प्रक्रिया को दोहराएं।

  • 3. लहसुन (Garlic) - लहसुन की गर्म तासीर भी शरीर में पसीना लाकर, शरीर का तापमान कम कर सकती है। यह शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालने में सहायक है। लहसुन की एक कली को पीसकर गरम पानी में मिलाएं। 10 मिनट ढक कर रखें। पानी को छान लें और घूंट घूंट करके धीरे धीरे पीएं। एक दिन में इस पेय को दो बार पीएं। अगले ही दिन आप बुखार से राहत महसूस करेंगे।दो चम्मच ऑलिव ऑयल (olive oil) में दो कली लहसुन की डालकर भूनें। इस तेल को ठंडा करके पैर के तलवों (sole of feet) में लगाएं।

  • 4. तुलसी (Basil) - तुलसी भी टाइफाइड के बुखार के लिए उत्तम औषधि है। इससे बुखार जल्दी ठीक होता है। पुदीने की बीस पत्तियों में एक छोटी चम्मच अदरक को कद्दूकस करके एक कप पानी में उबाल लें। इस पानी को गुनगुना रहने तक इंतजार करें। इसके बाद इसे छानकर इसमें शहद मिलाकर पीएं। इस पेय को दिन दो से तीन बार ले सकते हैं।

  • 5.लौंग (Laung or clove) - लौंग के तेल में एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) गुण होते हैं जो कि बैक्टीरिया को मार देते हैं। आठ कप पानी में 5 से 7 लौंग डालकर उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए इसे छान लें। इस पानी को पूरा दिन पीएं। इस उपचार को एक हफ्ते लगातार करें।

  • 6.केला: - केले से बुखार को कम किया जा सकता है और टाइफाइड वाले लोगों में दस्त के इलाज में भी मदद करता है। आधे कप दही में 2 मसला हुआ केला और 1 चम्मच शहद मिलाकर खाना टायफॉयड फीवर से राहत दिलाता है।

  • 7. घर में बना ओआरएस घोल(ओरल रिहाईड्रेशन सौल्युशन) - शरीर में पानी की कमी हो जाने के कारण दस्त की समस्या हो जाती है जिसके लिए ओआरएस का घोल फायदेमंद होता है। ओआरएस टाइफॉइड के लक्षणों की तीव्रता को कम करता है। एक ग्लास पानी में नमक और चीनी मिलाकर पीने से टायफॉयड के कारण हुई कमजोरी दूर होती है।

  • 8.डीहाइड्रेशन (Dehydration)- मनुष्य शरीर में पानी के कम हो जाने की अवस्था को डीहाइड्रेशन कहते हैं। शरीर में पानी की कमी के कारण शरीर से खनिज पदार्थ जैसे कि नमक और शक्कर कम हो जाते हैं। डीहाइड्रेशन के दौरान, शरीर की कोशिकाओं से पानी सूखता रहता है जिसके कारण शरीर के कार्य करने का संतुलन असामान्य हो जाता है।