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शरीर के जोड़ के लिगामेंट (ligament) या स्नायु जब किसी चोट के कारण जरूरत से ज्यादा खिंच जाते हैं तो इस अवस्था को मोच (Sprains or Moch) कहा जाता है। ज्यादा खिंचाव के कारण पेशियों के फाइबर फट जाते हैं और लिगामेंट में घाव हो जाता है। लिगामेंट एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ने (connect) का कार्य करते हैं।

Sprains Pain (मोच का दर्द)

मोच में प्रभावित स्थान पर ज्यादा दर्द होता है और व्यक्ति का मोच वाला हिस्सा हिलाने- डुलाने में दिक्कत आती है। कई बार मोच इतनी ज्यादा होती है कि व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है। कई बार काम करते करते, सीढ़ियाँ चढ़ने उतरने या खेलने के दौरान अचानक से मोच आ जाती है। उस समय पता नहीं चल पाता लेकिन बाद में दर्द होने तथा संबंधित स्थान पर सूजन आने से मोच का पता चलता है।


Symptoms


  • • चोट वाली जगह पर असहनीय दर्द

  • • चोट वाली जगह पर सुन्नपन होना

  • • प्रभावित स्थान को मोड़ने या चलाने में परेशानी होना

  • • घुटनों में दर्द होना।

  • • प्रभावित स्थान पर नीला या काला धब्बा आना

  • • प्रभावित स्थान पर सूजन आना

  • • बिना सहारे के चलने फिरने में दिक्कत होना

Causes

मोच शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग कारणों से आ सकती है। मोच सामान्य या क्रोनिक भी हो सकती है।


  • एंकल में मोच (Ankle Sprains)- ऊंची-नीची जगह पर चलने या दौड़ने से एंकल में मोच आ सकती है। कई बार हाई हील पहनने से पैर अचानक से मुड़ता है, यह भी पैर में मोच का कारण हो सकता है।

  • घुटने में मोच (Knee Sprains)- भागते- भागते अचानक गिर जाने या कोई भारी वस्तु उठाकर चलने से घुटनों में मोच आ सकती है। कई बार चलते चलते अचानक घुटना मुड़ जाता है। यह भी घुटने में मोच का कारण हो सकता है।

  • कलाई में मोच (Wrist Sprains)- गिरने के दौरान हाथ के मुड़ने, किसी के द्वारा हाथ को गलत तरीके से खींचने, खेल के दौरान आदि स्थितियों में कलाई में मोच आ सकती है।

  • कमर में मोच (Waist Sprains)- कई बार सीढ़ियां चढ़ने उतरने में दिक्कत होने या, किसी ऊंची जगह से कमर के बल गिरने से या जरूरत से ज्यादा भारी चीज को झुककर उठाने से कमर में मोच आ सकती है।

  • अंगूठे में मोच (Thumb Sprains)- कई तरह के खेल खेलने या कहीं अंगूठा दब जाने के कारण चोट लगने से अंगूठे में मोच आ सकती है।

  • गर्दन में मोच (Neck Sprains)- अचानक से गर्दन में झटका लगने, ज्यादा ऊंचा तकिया लगाने, किसी प्रकार से गर्दन में चोट लगने की स्थिति में गर्दन में मोच आ सकती है।

  • • अन्य कारण (other causes & reason of sprains) - कई बार व्यायाम करने से पहले वार्मअप न होना और अचानक से कठिन व्यायाम शुरू कर देना भी मोच आने का कारण हो सकता है। - पैर में प्रॉपर फुटवियर न होने से भी पैर के मुड़ने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है जिससे मोच की संभावना रहती है।



सामान्य उपचार

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मोच से निजात के लिए उपाय (Treatment of Sprain Pain)


  • • मोच से निजात के लिए प्रभावित स्थान पर चने बांध दें। इन चनों को बार- बार भिगाते रहें। जैसे जैसे चने फूलेंगे, मोच ठीक होती जाएगी।

  • • मोच वाले स्थान पर एरंड के पत्तों को हल्का सा सेंक कर उस पर सरसों का तेल लगाकर, प्रभावित स्थान पर बांध दें।

  • • तिल के तेल में अफीम मिलाकर मोच वाले स्थान पर बांध दें।

  • • मोच वाले स्थान पर हल्दी, चूना और शहद को मिलाकर लगाने से चोट ठीक हो जाती है।

  • • मोच से निजात के लिए तेजपत्ता और लौंग को पीसकर लेप लगाएं।

  • • सरसों के तेल में अजवायन और लहसुन को गरम करके, इस तेल से मोच वाले स्थान की मालिश करें।

  • • पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर उसे हल्का गरम करें और मोच वाले स्थान पर बांधें ।

  • • तुलसी पत्तों के रस में सरसों का तेल मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएं। तुरंत आराम मिलेगा।

  • • अखरोट के तेल से मालिश करने पर भी चोट में आराम मिलता है।

  • • नमक को गरम करके, किसी मोटे कपड़े में बांधकर, चोट वाले स्थान पर बांध दें। आराम मिलेगा।

  • • नमक और हल्दी को मिलाकर चोट वाले स्थान पर लगाने से भी आराम मिलेगा।

  • • पान के पत्ते या आम के पत्ते पर तेल लगाकर, उस पर नमक लगाएं और गरम करके चोट वाले स्थान पर बांध दें। ऐसा करने से भी मोच ठीक हो जाएगी।

  • • मोच और सूजन में एलोवेरा लगाने से भी आराम मिलता है।

मोच से राहत के घरेलू उपाय (Home Remedies For Sprain)


ऊंची एड़ी के जूते-चप्पल पहनने, पैर ऊंचे नीचे पड़ने, व्यायाम बहुत ज्यादा या गलत तरह से करने, बहुत ज्यादा चलने, गलत तरह से उठने बैठने आदि ऐसे कुछ कारण हैं, जिनसे शरीर में मोच (sprain) की स्थिति बन जाती है। कई दफा दर्द असहनीय भी हो सकता है और प्रभावित जगह पर लाल या नीला निशान और सूजन भी आ सकती है। यदि खिंचाव की परेशानी हो तो पैरों को ठण्ड से बचायें और ऐसे कपड़े का चुनाव करें जो ठण्ड के दिनों में आपके पैरों को हवा न लगने दें।


  • 1. गर्म और ठंडा सेंक (Hot and cold compress)- शरीर के दर्द वाले हिस्से पर क्रम से गर्म और ठंडे पानी का सेक करें, ये तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम पहुंचाएगा। इसे कई तरीके से कर सकते हैं जैसे कि तौलिये को गर्म पानी में डुबायें और तनावग्रस्त मांसपेशी पर लगा सकते हैं। तनावग्रस्त मांसपेशी में आराम के लिए गुनगुने पानी से नहाया जा सकता है या भाप ले सकते हैं। बर्फ लगाकर भी आराम पा सकते हैं।

  • 2. मांसपेशी को खींचना (Stretch your muscle)- दिन प्रतिदिन की सामान्य शारीरिक प्रक्रिया के लिये जाने से पहले, मांसपेशियों को खींचना महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए हल्की हल्की स्ट्रेचिंग करें। अगर आपको रात में सोते समय पैरों में खिंचाव होता है, तो अच्छा होगा कि आप मांसपेशियों को खींचने का अभ्यास करें।

  • 3. तरल पदार्थ लेते रहें (Take enough liquid)- तरल पदार्थ के साथ पानी को नियमित अंतराल पर लेकर शरीर में नमी बनायें रखें। 8 गिलास पानी पीने के साथ आपको फलों का जूस भी पीना चाहिये। पर्याप्त मात्रा में तरल लेना आपके मांसपेशियों में कम मरोड़ पैदा करेगा और आराम देगा।

  • 4. केला (Banana)- केले में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम होता है। यह शरीर के लिये बेहद अच्छा होता है। अगर नाश्ते या भोजन के बाद प्रतिदिन एक केला खाते हैं तो यह मांसपेशियों को मरोड़ से दूर रखेगा और खिंचाव से राहत देगा।

  • 5. गर्म पैड से सिकाई (Hot pad)- एक समय ऐसा था जब लोग गर्म पानी को पैड पर डालकर फिर इस्तेमाल करते थे और शरीर पर लगाकर सभी प्रकार के दर्द से दूर रहते थे। लेकिन अब बाज़ार में बिजली से चलने वाले गर्म पैड मौजूद हैं। इन पैड से सिकाई करने से मांसपेशियों का खिंचाव दूर होता है और दर्द से राहत मिलती है।

  • 6. मालिश (Massage)- प्रभावित हिस्से की मालिश करना भी बेहद राहत देता है। किसी भी तेल को थोड़ा गुनगुना करके, उसमें लहसुन की कुछ कलियां डालें। कुछ देर इस तेल को और गरम करें और गुनगुना रहने पर प्रभावित हिस्से की हल्के हाथों से मालिश करें। कुछ ही देर में पैरों में खिंचाव कम होगा और दर्द में भी आराम मिलेगा।