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मलेरिया मादा ऐनोफ्लीज मच्छर (Female Anopheles Mosquito) के काटने से फैलता है, जोकि गंदे पानी में पनपते हैं। ये मच्छर आमतौर पर दिन ढलने के बाद काटते हैं।




Symptoms


  • • पित्त की कड़वी उल्टी होना

  • • तेज सिर दर्द (Headache) होना और बेहद कमजोरी

  • • शरीर का तापमान 104 डिग्री से भी ज्यादा होना

  • • ठंड लगकर बुखार चढऩा

  • • मांसपेशियों मे भयंकर दर्द होना

  • • पसीना आना

  • • मलेरिया बुखार 10-15 दिन रहता है

  • • ये बुखार चढ़ता-उतरता रहता है

Causes


  • • आसपान मौजूद पानी को समय पर ना बदलना

  • • रहने के स्थान के आसपास गंदगी होना

  • • पानी का जमाव होना

  • • मच्छरों के अंडों का जमा होना



Precautions


  • • मलेरिया के बुखार में रोगी के पेट को साफ करने का जुलाब दें।

  • • तेज बुखार होने पर ठंडे पानी की या बर्फ के पानी की पट्टियां माथे पर रखें।

  • • बरसात के दिनों में नालियों गड्डों आदि में पानी इकट्टा न होने दें, क्योंकी मच्छर इस गंदे पानी में ही अंडे देते हैं।

  • • रोगाणुनाशक दवाओं जैसे- डी.डी.टी, बी.एच.सी पाउडर, नीम या तम्बाकू का घोल या मिट्टी के तेल को सालन भरी दिवारों, पोखरों, तलाबों और नालियों में छिड़कें।

  • • साथ ही मलेरिया होने पर रोगी को पानी उबाल कर पीना चाहिए और पत्ते वाली सब्जिंयां नहीं खानी चाहिए।

Home Remedies for Malaria


  • 1. चूना (Chuna)- तीन ग्राम चूना लें, इसे 60 मिली पानी में घोलें। एक नींबू इसमें निचोड़ें। मलेरिया बुखार की संभावना होने पर यह मिश्रण पीएं। यह नुस्खा प्रतिदिन लेने से बुखार से राहत मिलती है।

  • 2. चिरायता- (Chirata)- चिरायता मलेरिया बुखार की सबसे असरदायक औषधि मानी गई है। एक पाव गरम पानी में 15 ग्राम चिरायता मिलाएं, कुछ लौंग और दालचीनी भी मिला दें। इस पानी के इस्तेमाल से भी मलेरिया बुखार उतरने लगता है।

  • 3. नींबू (Lemon)- गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से बुखार की तीव्रता घटने लगती है।

  • 4. फिटकरी (Alum)- थोडी सी फ़िटकरी तवे पर भूनकर चूर्ण बना लें। आधा चम्मच पाउडर बुखार आने के 3 घंटे पहले पानी से पीएं। बाद में हर दूसरे घंटे पर यह दवा लेते रहने से बुखार खत्म होता है।

  • 5. तुलसी पत्ता (Basil leaves)- जब बुखार न हो, 10 ग्राम तुलसी के पत्तों के रस में आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर चाट लें। इससे मलेरिया बुखार खत्म हो जाता है।

  • 6. शहद (Honey)- एक गिलास पानी लें। इसमें एक चम्मच दालचीनी, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर गर्म करें। ठंडा होने पर पीएं, यह अत्यंत लाभकारी नुस्खा है।

  • 7. धतूरा (Dhatoora)- धतूरा की नई कोपल 2 नग लेकर गुड़ के साथ अच्छी तरह मिलाकर इसकी गोली बना लें। इन्हें दिन में 2 बार लेने से मलेरिया खत्म हो जाता है।

  • 8. अन्न न खाएं (Avoid solid food)- मलेरिया होने पर अन्न न खाएं। केवल फल और पानी लेते रहें। ऐसा करने से बुखार से जल्दी लाभ मिलता है।

  • 9. अदरक (Ginger)- एक गिलास पानी में 10 ग्राम अदरक और 10 ग्राम मुनक्का डालकर इतना उबालें कि आधा रह जाय। ठंडा होने पर पीएं।

  • 10. अमरूद (Guava)- एक बड़ा अमरुद गरम राख में भून लें। यह अमरूद खाना भी, मलेरिया रोगी के लिए लाभकारी है।

  • 11. ठंडी पट्टी रखें (Cold compress)- तेज बुखार की हालत में माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखने से तापमान नीचे आ जाता है। ठंडे पानी में गीला किया टावेल सारे शरीर पर लपेटने से तुरंत लाभ मिलता है।

  • 12. प्याज का रस (Onion juice)- प्याज का रस मलेरिया में लाभकारी है। 5 मिली रस में 4 काली मिर्च का पाउडर मिलाकर दिन में 3 बार पीने से लाभ होता है।

  • 13. जामुन (Black berry)- जामुन के पेड़ की छाल सुखाकर पीस लें। 5 ग्राम चूर्ण, गुड़ के साथ दिन में 3 बार लेने से मलेरिया से राहत मिलती है।

  • 14. गिलोय- गिलोय ऐसी आयुर्वेदिक बेल है, जिसमें सभी प्रकार के बुखार विशेषकर मलेरिया रोगों से लड़ने के गुण होते हैं। गिलोय के काढ़े या रस में शहद मिलाकर 40 से 70 मिलीलीटर की मात्रा में नियमित सेवन करने से मलेरिया में लाभ होता है।

  • 16. चकोतरा - मलेरिया में चकोतरा बहुत लाभकारी है क्योंकि इसमें प्राकृतिक कुनैन होती है | चकोतरे के गूदे को उबालकर प्रयोग में लाएं | चकोतरे का रस सभी प्रकार के बुखार में लाभदायक है | इससे प्यास बुझती है और बुखार की जलन शांत होती है |

  • 17- हारसिंगार के पेड़ की छाल की भस्म तथा फिटकरी की भस्म 5-5 ग्राम, काली तुलसी के पत्तों का चूर्ण, नीम के पेड़ के तने की भीतरी भाग की छाल का चूर्ण, नागरमोथा चूर्ण, काली मिर्च चूर्ण तथा छोटी पिप्पली का चूर्ण-सभी 10 ग्राम की समान मात्रा में लेकर कूट छानकर हारसिंगार के पत्तों के काढ़े में घोट कर चार-चार रती की गोलियां बना लें दो-दो गोली एक-एक घण्टे के बाद तीन बार देने से मलेरिया या विषम ज्वर ठीक हो जाता है | गोली गरम पानी से दें |

खान-पान सलाह


  • 1. रोगी को ज्वर के आरम्भ में ठोस पदार्थ खाने के लिए नहीं देना चाहिए | उसे तरल अथवा फल खिलाने चाहिए | तली हुई, मसालेदार तथा मैदे की चीजें देना हानिकारक होता है | ठोस भोजन के स्थान पर मूंग की दाल का पानी नमक और काली मिर्च मिलाकर देने से लाभ होता है |

  • 2. साबूदाना दूध में बनाकर देने से रोगी की शक्ति बनी रहती है |

  • 3. थोड़ी सूजी तवे पर भूनकर दूध की पतली सी खीर बनाकर भी दे सकते हैं |

  • 4. फिटकरी (Alum)- थोडी सी फ़िटकरी तवे पर भूनकर चूर्ण बना लें। आधा चम्मच पाउडर बुखार आने के 3 घंटे पहले पानी से पीएं। बाद में हर दूसरे घंटे पर यह दवा लेते रहने से बुखार खत्म होता है।

  • 5. तुलसी पत्ता (Basil leaves)- जब बुखार न हो, 10 ग्राम तुलसी के पत्तों के रस में आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर चाट लें। इससे मलेरिया बुखार खत्म हो जाता है।

  • 6. भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें-भूख से कुछ कम खाना खाना ही ठीक रहता है |

  • 7. बुखार अथवा किसी भी अन्य रोग के बाद खूब छक कर खाना ठीक नहीं है |

  • 8. मिठाइयां, चाट-पकौड़ी और मसालेदार पदार्थ खाना हानिकारक है |

  • 9. पेट साफ रखने का प्रयत्न करना चाहिए | 8-10 मुनक्के, एक-दो अंजीर अच्छी तरह धोकर सायंकाल के समय पानी में भिगो दें, प्रातः उठकर मुनक्का आदि को मसल-छानकर खाने और पानी पीने से पेट साफ रहता है |

  • 10. एक-दो छुहारे दूध में डालकर उबालें, पीने लायक होने पर छुहारे का दूध पी लें | इससे कमजोरी दूर होती है | ज्वर की अवस्था में अथवा उसके बाद रोगी को हवा और पानी से बचाना चाहिए |

  • रोगी का शरीर स्पंज से साफ कर देना चाहिए या गरम पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ लें, उससे रोगी का शरीर भली प्रकार साफ कर दें | साफ धुले हुए हल्के वस्त्र पहनाएं |

  • Note:- यदि मलेरिया बुखार में शरीर का तापमान बहुत जल्दी –जल्दी बढ़ या घट रहा है और ऐसा लगातार हो रहा है, तो आपको दोबारा से रक्त जांच करवानी चाहिए। मलेरिया में तबियत बिगड़ने पर अपनी आप अपनी मर्जी से किसी भी प्रकार की दर्द निवारक दवाईयों को न लें। ध्यान रहे जब आप दोबारा या जितनी बार भी रक्त जांच करवा रहे हैं, तो मलेरिया की क्लोंरोक्वीनिन दवाई ना लें।