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ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ने से डायबिटीज हो जाता है। यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है। मधुमेह ज्यादातर वंशानुगत और जीवनशैली बिगड़ी होने के कारण होता है। इसमें वंशानुगत को टाइप-1 और अनियमित जीवनशैली की वजह से होने वाले मधुमेह को टाइप-2 श्रेणी में रखा जाता है। पहली श्रेणी के अंतर्गत वह लोग आते हैं जिनके परिवार में माता-पिता, दादा-दादी में से किसी को मधुमेह हो तो परिवार के सदस्यों को यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है।




Symptoms


  • • ज्यादा प्यास लगना

  • • बार-बार पेशाब का आना

  • • आँखों की रौशनी कम होना

  • • कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना

  • • हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म

  • • बार- बार फोड़े-फुंसियां निकलना

  • • चक्कर आना ,चिड़चिड़ापन

  • • हमेशा थकान महसूस होना

  • • पैरो और हाथों में झनझनाहट होना

  • • मसूड़ों में सूजन

  • • बहुत जल्दी वजन कम होना

Causes


  • • मोटापा टाईप 2 मधुमेह होने का सबसे बड़ा कारण है।

  • • यदि आप शारीरिक श्रम कम करते हैं, नींद पूरी नहीं लेते, अनियमित खानपान है और ज्यादातर फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • • इसे खानदानी रोग भी कहते है। अगर परिवार में किसी को टाईप 2 मधुमेह है या था तो सावधानी बरतने की ज़रूरत है।

  • • गर्भावस्था में रक्त में ग्लूकोज़ की अधिक मात्रा

  • • उच्च रक्त चाप और उच्च कोलेस्ट्रोल लेवल (High blood pressure, high cholesterol)/p>

  • • प्री डायबिटिक (Pre-diabetes or impaired fasting glucose)



Precautions


  • • अपने घर में प्रतिदिन मधुमेह का टेस्ट करें। रक्त में शुगर की मात्रा का ध्यान रखें।

  • • इन्सुलिन इंजेक्शन (Insulin Injetion) को तैयार करना और स्वयं लगाना आना चाहिए।

  • • एक इन्सुलिन पम्प (Insulin Pump) साथ रखना।

  • • कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) की गिनती को ध्यान में रखना।

  • • रक्तचाप (Blood Pressure) कम होने पर मत्वपूर्ण जानकारी का ध्यान रखना

योग आसन (Yog Aaasan for Diabetes)


  • • प्राणायाम

  • • सेतुबंधासन

  • • बालासन

  • • वज्रासन

  • • सर्वांगासन

Home Remedies for Diabetes


  • नींबू - मधुमेह रोगी को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। ऐसे में में वे नींबू पानी लेंगे तो यह उनकी सेहत के लिए और भी अच्छा होगा।

  • सलाद - मधुमेह रोगी को बहुत भूख लगती है और बार-बार कुछ न कुछ खाने का मन करता है। आपके साथ भी यदि ऐसा होता है तो कुछ भी खाने के बजाय आप भूख से थोड़ा कम खाएं और हल्का भोजन लेते हुए सलाह को ज्यादा खाएं। यानी आपको बार-बार भूख लगती है तो आप सलाद में खीरे को अधिक मात्रा में खाएं।

  • फल एवं सब्जियाँ - मधुमेह रोगी में आंखे कमजोर होने की आशंका लगातार बनी रहती है। यदि आप चाहते हैं कि मधुमेह के दौरान आपकी आंखों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े तो आपको गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है।मधुमेह के रोगी को तौरी, लौकी, परमल, पालक, पपीता आदि का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए।

  • शलगम - मधुमेह के दौरान शलगम के सेवन से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। शलगम को न सिर्फ आप सलाद के जरिए बल्कि शलगम की सब्जी, परांठे आदि चीजों के रूप में भी ले सकते हैं।

  • जामुन - जामुन मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है जामुन की छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह के दौरान बेहद फायदेमंद हैं। जामुन की गुठली को बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार, तीन ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शुगर की मात्रा कम होती है। यानी सिर्फ जामुन ही नहीं बल्कि जामुन की गुठली भी मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है।

  • करेले - करेले का कड़वा रस मधुमेह रोगियों में शुगर की मात्रा कम करता है। मधुमेह के रोगी को इसका रस रोज पीना चाहिए। शोधों में भी साबित हो चुका है कि उबले करेले का पानी, मधुमेह को जल्दीए ही दूर करने की क्षमता रखता है।

  • मेंथी दाने - मेंथी दानों का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन खाली पेट दो चम्मच चूर्ण पानी के साथ लेना चाहिए। ये मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभाकरी है|

  • शहतूत की पत्ती - शहतूत की पत्ती खाने से खून में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है। जिससे डायबिटीज कंट्रोल में रहती है। इसके अलावा शहतूत की पत्तियां कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी मेंटेन करने में सहायक होती हैं।

  • सहजन के पत्ते - सहजन के पत्ते राइबोफ्लेविन में समृद्ध होने के कारण ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस तरह से वह डायबिटीज के लक्षणों का प्रभावी ढंग से इलाज करता है

  • तरबूज - शुगर के रोगियों को सुबह उठकर खाली पेट तरबूज का सेवन करना भी बहुत लाभकारी माना गया है तरबूज याने के Watermelon शुगर बीमारी में आप रोजाना सोने से पहले एक छोटा चम्मच जैतून का तेल का सेवन करें जिससे आपके शरीर में केलोस्ट्रोल का लेवल कंट्रोल रहेगा.

  • विटामिन सी - डायबिटीज के मरीज को विटामिन सी युक्त फलों एवं सब्जियों का सेवन करना चाहिए यह उनके लिए बहुत ही लाभदायक होता है|

  • तुलसी- यदि आप रोजाना 2 या 3 तुलसी के पत्ते खाली पेट लेते हैं तो इससे आपके शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाता है मतलब जिसको शुगर ज्यादा है केवल वही लोग तुलसी के पत्तों का सेवन करें जिससे उनकी शुगर कम हो जाती है.

  • अलसी के बीज - अलसी के बीज डायबिटीज के मरीज की शुगर को भोजन के बाद लगभग 30% तक कम कर देते हैं. इसके लिए आप प्रतिदिन रोज सुबह खाली पेट अलसी का चूर्ण गरम पानी के साथ लें. शुगर के मरीजों को चाय या कॉफी की जगह ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए इसके अलावा ग्रीन टी स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अच्छी रहती है.

  • नीम - शुगर के रोगी को नीम की कोमल पत्तियां सुबह खाली पेट चबाकर खाने से शुगर डायबिटीज को कंट्रोल करने में आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिलते हैं.

  • विजयसार - विजयसार की लकड़ी से बने गिलास में रात में पानी भर कर रख दिया जाता है सुबह भूखे पेट इस पानी को पी लिया जाता है विजयसार की लकड़ी में पाये जाने वाले तत्व रक्त में इन्सुलिन के स्राव को बढ़ाने में सहायता करते हैं।

  • मधुमेह नाशक पाउडर – इसके लिए गिलोय, गुड़मार, कुटकी, बिल्व पत्र, जामुन की गुठली, हरड़, चिरायता, आंवला, काली जीरी, तेज पत्र, बहेड़ा नीम पत्र एवं अन्य जड़ी बूटियों को एक निश्चित अनुपात में लेकर पाउडर बनाया जाता है जो की डायबिटीज में बहुत फायदेमंद साबित होता है।

  • यदि खून में शुगर की मात्रा ज्यादा बढ़ी हुई नहीं हो तो उपरोक्त उपायों से आराम अवश्य मिलता है किन्तु यदि खून में शुगर लेवल ज्यादा हो तो चिकित्सक की राय अवश्य लेनी चाहिए, इसके लिए एलोपैथी में इन्सुलिन के इंजेक्शन तथा मुख से सेवन करने वाली गोलियों आदि का प्रयोग किया जाता है तथा आयुर्वेद में बसंत कुसुमाकर रस, शिलाजत्वादि वटी, चन्द्र प्रभा वटी, शुद्ध शिलाजीत तथा अन्य अनेक दवाओं का प्रयोग किया जाता है ये दवाइयाँ डायबिटीज में बहुत फायदेमंद होती हैं लेकिन इन्हे चिकित्सक की राय से ही सेवन करना चाहिए ।